KPSC पेपर लीक: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर हमला, पूछा- '22 लाख का हार किसके पास है?'

Ghazala Saheb1 October 20262 min read2 viewsBihar
KPSC पेपर लीक: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर हमला, पूछा- '22 लाख का हार किसके पास है?'

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। पात्रा ने दावा किया कि जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा के पेपर लीक किए गए और उम्मीदवारों को लाखों रुपये में बेचे गए।

पेपर लीक और करोड़ों का खेल

संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राज्य सीआईडी (CID) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेंद्र कुमार, जो KPSC परीक्षा के नियंत्रक (Controller of Examinations) थे, उन्होंने 7 जनवरी 2026 को पेपर लीक किया था।

पात्रा के अनुसार, ज्ञानेंद्र कुमार ने परीक्षा के प्रश्न और उत्तर एक पेन ड्राइव में सुरक्षित किए और फिर इसे बिचौलिए बसावराज कनाले को सौंप दिया। इसके बाद कनाले ने उम्मीदवारों से संपर्क किया और पेपर के बदले 30 लाख से लेकर 80 लाख रुपये तक की मांग की।

  • लेन-देन का तरीका: कुछ उम्मीदवारों ने 30-40 लाख रुपये दिए, जबकि कुछ ने 80 लाख रुपये तक का सौदा किया।
  • रिवर्शल की तैयारी: भ्रष्टाचार का खेल इतना गहरा था कि उम्मीदवारों को परीक्षा से एक दिन पहले बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट-कम-होटल में ले जाया जाता था, जहां उन्हें प्रश्न-उत्तरों का अभ्यास (rehearse) कराया जाता था।
  • बड़ी रकम का खुलासा: पात्रा ने दावा किया कि केवल 11 उम्मीदवारों से ही पहली किस्त के रूप में 1.52 करोड़ रुपये वसूले गए थे।

22 लाख के हीरे के हार पर घेरा

इस पूरे मामले में संबित पात्रा ने एक नया मोड़ देते हुए राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लिया है। उन्होंने जांच के दौरान जब्त किए गए 22 लाख रुपये के हीरे के हार का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर यह हार किसके पास है?

"राहुल गांधी को भी इस हार के बारे में सच्चाई बतानी चाहिए, विशेष रूप से यह कि 22 लाख रुपये का यह हार किसके पास है," संबित पात्रा ने कहा।

भाजपा सांसद ने संकेत दिया कि वे आने वाले समय में इस हार से जुड़े और भी बड़े खुलासे करेंगे और बताएंगे कि यह उपहार के रूप में किसे दिया गया था।

कैसे खुला भ्रष्टाचार का पर्दाफाश?

यह पूरा मामला जुलाई 2026 के अंत में तब सामने आया जब एस मंजुनाथ ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग पेश की। इस रिकॉर्डिंग में 80 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। इस खुलासे के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद कर्नाटक सरकार को मामला सीआईडी और ईडी को सौंपना पड़ा।

पात्रा ने आरोप लगाया कि बिचौलिए ने ज्ञानेंद्र कुमार को 1.30 करोड़ रुपये भी सौंपे थे। इस मामले ने कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

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