बाढ़ पीड़ितों के लिए एडवोकेट जनरल ऑफिस ने दिया बड़ा दान, CM ने जताया आभार

बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए एडवोकेट जनरल कार्यालय ने एक सराहनीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एडवोकेट जनरल कार्यालय के कानून अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में महत्वपूर्ण आर्थिक योगदान दिया है।
₹8.22 लाख का दिया गया योगदान
एडवोकेट जनरल एस.डी. संजय के नेतृत्व में कार्यालय के अधिकारियों ने राज्य में बाढ़ से जूझ रहे परिवारों की सहायता के लिए ₹8,22,200 की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में RTGS के माध्यम से भेजी है।
इस योगदान को देने के लिए कानून कार्यालय का एक प्रतिनिधिमंडल पटना स्थित 'संकल्प' (लोक सेवक आवास) में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में निम्नलिखित अधिकारी शामिल थे:
- अतिरिक्त एडवोकेट जनरल-1: सुबोध कुमार झा
- अतिरिक्त एडवोकेट जनरल-5: आलोक कुमार अग्रवाल
- अतिरिक्त एडवोकेट जनरल (सुप्रीम कोर्ट): केशव रंजन
- प्रकाश चंद्र अग्रवाल, कल्पना, अरविंद उज्ज्वल, मुकेश कुमार और कुणाल शुभम।
औद्योगिक विकास की समीक्षा और कड़े निर्देश
बाढ़ राहत के इस कार्यक्रम के उपरांत, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'संकल्प' हॉल में उद्योग विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में औद्योगिक विकास की गति को तेज करना और निवेश की संभावनाओं को धरातल पर उतारना था।
निवेश और रोजगार पर सरकार का जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और अनुकूल वातावरण प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- भूमि अधिग्रहण: औद्योगिक परियोजनाओं को बिना किसी बाधा के शुरू करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
- समय सीमा का पालन: उद्योगों की स्थापना और विस्तार से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
- आर्थिक मजबूती: निवेश को बढ़ावा देने से न केवल नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि इससे बिहार की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।