बिहार में रोजगार के अवसर: 2030 का लक्ष्य और मरीन ड्राइव का तोहफा
बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सम्राट चौधरी ने 2030 का लक्ष्य रखा है और मुंगेर-भागलपुर के बीच मरीन ड्राइव की घोषणा की।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए एक बड़ा विजन साझा किया है। मुंगेर जिले के कल्याणपुर में आयोजित भव्य दीपोत्सव के दौरान उन्होंने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले राज्य में पर्याप्त रोजगार पैदा करना है, ताकि युवाओं को मजबूरी में राज्य से बाहर न जाना पड़े।
रोजगार और उद्यमिता का महासंकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
- मिशन 2030: 2030 से पहले ऐसी व्यवस्था विकसित करना जिससे पलायन रुके।
- उद्यमी बनाना: अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य।
- निवेश और विकास: बिहार में उद्योगों का विस्तार करना और निवेश को बढ़ावा देना।
मुंगेर-भागलपुर के बीच बनेगा 83 किमी लंबा मरीन ड्राइव
क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए सम्राट चौधरी ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुंगेर और भागलपुर के बीच करीब 83 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव का निर्माण शुरू किया जाएगा। इस परियोजना से न केवल आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, बल्कि विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी।
गंगा का जल प्रबंधन और किसानों को राहत
बाढ़ की समस्या और फसलों के नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि:
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ गंगा से गाद निकालने और जल प्रबंधन के लिए समझौता किया गया है।
- गंगा के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा।
- विभिन्न स्थानों पर बांध और जल संरचनाएं बनाकर पानी सीधे खेतों तक पहुंचाया जाएगा।
"मुंगेर की धरती से निकलकर प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से मुझे बिहार की सेवा करने का अवसर मिला है। हम बिहार को समृद्ध बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।" - सम्राट चौधरी