जनता तक पहुंचे सरकारी योजनाओं की जानकारी: सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सूचना एवं जन-संपर्क विभाग को सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

पटना के लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सूचना एवं जन-संपर्क विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की सभी योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जानी चाहिए।
सरकार और जनता के बीच सेतु बने सूचना विभाग
मुख्यमंत्री ने विभाग की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सूचना एवं जन-संपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनहित से जुड़ी सूचनाएं समय पर लोगों तक पहुंचें। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी इतनी सरल और प्रभावी होनी चाहिए कि आम जनता योजनाओं के प्रति जागरूक हो सके और उनका लाभ शीघ्र उठा सके।
भ्रामक खबरों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
आज के दौर में सूचनाओं की सत्यता पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों, विधि-व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों की निरंतर निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि नकारात्मक एवं भ्रामक खबरों पर तुरंत लगाम लगाने के लिए 'क्विक रिस्पॉन्स टीम' को सक्रिय किया जाए ताकि जनता के बीच गलत सूचना न फैले।
पत्रकारों की पेंशन और सोशल मीडिया पर फोकस
बैठक में पत्रकारों के हितों का भी ध्यान रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों की पेंशन योजना से संबंधित नियमों और प्रावधानों की जानकारी सभी तक पहुंचाई जाए, ताकि पत्रकार इसके लाभ से वंचित न रहें। इसके अलावा, उन्होंने डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:
- सोशल मीडिया साइट्स पर आने वाले लोगों के सुझावों और समस्याओं का प्रभावी विश्लेषण किया जाए।
- सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी भी लोगों को वापस दी जाए।
- विभागीय, जिला और पंचायत स्तर पर लोगों के फीडबैक, सुझाव और शिकायतों के लिए बेहतर प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बिहार की संस्कृति का वैश्विक प्रचार-प्रसार
मुख्यमंत्री ने बिहार की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार की सभ्यता और संस्कृति का प्रचार-प्रसार दुनिया भर में होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जो बिहारी अन्य राज्यों या विदेशों में रह रहे हैं, उनसे निरंतर जुड़ाव बनाया जाए। उनसे बिहार के संबंध में फीडबैक लिया जाए और उन्हें बिहार की बढ़ती उपलब्धियों तथा इसकी खासियत से अवगत कराया जाए।
सम्राट चौधरी ने अंत में कहा कि बिहार के गौरवशाली अतीत को फिर से वापस लाना और इसे एक समृद्ध प्रदेश बनाना है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।