'बिहार में अपराध खत्म हो गया है': सम्राट चौधरी के बयान पर सियासी बवाल
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में 'अपराध' का दौर खत्म हो गया है। उनके इस बयान पर अब राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। दिल्ली में 3 नवंबर, 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि बिहार में अब 'अपराध' (criminality) का अस्तित्व ही नहीं बचा है।
'क्राइम' और 'अपराध' के बीच का पेचीदा अंतर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में एक बहुत ही दिलचस्प और विवादास्पद अंतर स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। हमारे राज्य में अपराध की अवधारणा ही खत्म हो गई है। अब यहाँ अपराध जैसी कोई चीज नहीं बची है।"
मुख्यमंत्री के इस तर्क ने तुरंत ही राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उनके इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 'क्राइम' और 'अपराध' के बीच क्या अंतर है और क्या केवल शब्दों के चुनाव से राज्य की सुरक्षा स्थिति को बदला जा सकता है?
विपक्ष ने सरकार के दावों को घेरा
सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन सुरक्षा के वास्तविक हालातों को छुपाने के लिए शब्दों का सहारा ले रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा रणनीति और सार्वजनिक सुरक्षा की परिभाषा पर एक बार फिर से बहस को जीवंत कर दिया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति और मुख्यमंत्री का रुख
गौरतलब है कि सम्राट चौधरी 15 अप्रैल, 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से लगातार अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते रहे हैं। उन्होंने अपनी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए बार-बार चेतावनी दी है कि जो भी पुलिस बल को चुनौती देगा, उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री का दावा है कि उनकी सरकार ने संगठित आपराधिक तत्वों के प्रभाव को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है, लेकिन उनके इस नवीनतम बयान ने सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को लेकर एक नई राजनीतिक जंग शुरू कर दी है।