पंचायत भवनों में अब चमकेगा सोलर, CM सम्राट चौधरी का बड़ा निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण और रखरखाव में तेजी लाने का निर्देश दिया है। अब इन भवनों में सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायतों के विकास और वहां की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने और उनके बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
निर्माण के साथ मेंटेनेंस की भी तय होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत सरकार भवनों की गुणवत्ता और उनकी देखरेख में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने एक नया मॉडल प्रस्तावित करते हुए कहा कि जो संवेदक (ठेकेदार) इन भवनों का निर्माण करेंगे, उन्हें ही इनके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी सौंपी जानी चाहिए।
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदकों की जवाबदेही तय करने के लिए एक प्रभावी तंत्र तैयार किया जाए, ताकि निर्माण के बाद भवनों के रखरखाव में कोई समस्या न आए।
सोलर पैनल से रोशन होंगे पंचायत भवन
ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की बचत और बेहतर सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री ने सोलर ऊर्जा पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के एस्टीमेट (अनुमानित लागत) में ही सोलर पैनल लगाने की व्यवस्था को शामिल किया जाए।
इस योजना को समय पर पूरा करने और आवश्यक धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इसे 15वें वित्त आयोग एवं सप्तम राज्य वित्त आयोग से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जलमीनारों पर भी सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 5 किलोवाट की क्षमता के बजाय अब 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
जनप्रतिनिधियों को मिलेगी बिजली की पल-पल की जानकारी
पंचायतों में बिजली की आपूर्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने एक नई व्यवस्था बनाने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतों में बिजली की स्थिति की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से मिलनी चाहिए। इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्था की जाएगी:
- एक समर्पित टीम का गठन किया जाएगा।
- यह टीम पंचायत के मुखिया, विधायक और सांसद के निर्धारित मोबाइल नंबर पर जानकारी भेजेगी।
- प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन बिजली आपूर्ति के कितने घंटे हुई, इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि इन योजनाओं के माध्यम से पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो, ऊर्जा की बचत सुनिश्चित हो और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।