गांवों में रोजगार और विकास हमारी प्राथमिकता: सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रामीण रोजगार मिशन की समीक्षा की। 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और गांवों के विकास के लिए बड़ी योजनाएं बनाई गई हैं।

Ghazala Saheb5 November 20262 min read0 viewsBihar
गांवों में रोजगार और विकास हमारी प्राथमिकता: सम्राट चौधरी

पटना के लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में गुरुवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा रोडमैप पेश किया। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना और गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास करना है।

125 दिनों के रोजगार की गारंटी और भुगतान का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इस महत्वाकांक्षी मिशन के लिए केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण साझा करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मजदूरों की मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर, यानी 15 दिनों के अंदर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मिशन के विस्तार पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि:

  • ग्रामीण विकास के लिए 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को इस मिशन में शामिल किया जाए।
  • वर्तमान में चल रही 1.5 लाख योजनाओं की संख्या बढ़ाकर 3 लाख तक ले जाने का लक्ष्य है।
  • योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक का अधिक उपयोग हो और पारदर्शिता बनी रहे।

आंगनबाड़ी और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर

गांवों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि केंद्रों की साज-सज्जा, फर्नीचर और पठन-पाठन सामग्री के लिए अतिरिक्त 2 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी:

  • स्कूल और हेल्थ केयर सेंटर का निर्माण।
  • ग्रामीण हाट (बाजार) का विकास।
  • वृक्षारोपण और जल संरक्षण के कार्य।
  • विद्यार्थियों के लिए खेल मैदानों का निर्माण।

जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने जल सुरक्षा को लेकर भी गंभीर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और मरम्मत करना अनिवार्य है। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को निर्देश दिया कि वृक्षारोपण और जल संचयन के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए ताकि भू-जल स्तर को बनाए रखा जा सके।

बैठक में मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को विकसित करने के लिए चार प्रमुख श्रेणियों—जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन—पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने को कहा गया है। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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