अंतरिक्ष तकनीक से बदलेगी बिहार की तस्वीर: सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में कहा कि अंतरिक्ष तकनीक और नवाचार बिहार की बाढ़ प्रबंधन और कृषि विकास में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।

पटना के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में आयोजित 'स्पेस एप्लीकेशन एडॉप्शन वर्कशॉप-2026' के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए एक नई दृष्टि पेश की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरिक्ष आधारित तकनीक, आधुनिक वैज्ञानिक समाधानों और नवाचारों को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों के साथ जोड़ना अब अनिवार्य हो गया है।
विकसित भारत और समृद्ध बिहार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युग में तकनीकी प्रगति के बिना विकास की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प और समृद्ध बिहार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विज्ञान और तकनीक को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
बिहार की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह राज्य प्राचीन काल से ही ज्ञान और प्रबुद्धता की भूमि रहा है। आर्यभट्ट और आचार्य चाणक्य जैसी महान विभूतियों की बौद्धिक परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक सोच के साथ जोड़कर राज्य को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकता है।
बाढ़ और कृषि प्रबंधन में तकनीक की भूमिका
बिहार की प्रमुख चुनौतियों, विशेषकर बाढ़ की समस्या पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष आधारित तकनीक और रिमोट सेंसिंग का उपयोग बाढ़ की निगरानी, जल प्रबंधन और कृषि नियोजन में मील का पत्थर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि नेपाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आने वाले जल प्रवाह के कारण होने वाली बाढ़ की समस्या को वैज्ञानिक आंकड़ों के जरिए बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकता है।
इसके साथ ही, उन्होंने नदियों के जल के समुचित उपयोग पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जल का वर्षभर पेयजल और सिंचाई के लिए प्रभावी उपयोग करने हेतु वैज्ञानिक अध्ययन और अन्य राज्यों के साथ समन्वय आवश्यक है।
'टेककनेक्ट' पोर्टल और महत्वपूर्ण समझौते
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:
- टेककनेक्ट पोर्टल का शुभारंभ: तकनीकी समाधानों को सुलभ बनाने के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की गई।
- महत्वपूर्ण समझौता (MoU): बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर और सर्वे ऑफ इंडिया के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से आह्वान किया कि वे केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहें, बल्कि बिहार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ऐसे व्यावहारिक समाधान विकसित करें जिनका लाभ किसानों, आम जनता और प्रशासनिक व्यवस्था को धरातल पर मिल सके। उन्होंने कहा कि तकनीक का असली उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाना है।