'प्रकृति ही प्रभु है': सम्राट चौधरी ने साइकिल यात्रा टीम का किया भव्य स्वागत

Ghazala Saheb17 October 20262 min read0 viewsBihar
'प्रकृति ही प्रभु है': सम्राट चौधरी ने साइकिल यात्रा टीम का किया भव्य स्वागत

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को 'प्रकृति ही प्रभु है' थीम पर आधारित एक विशेष साइकिल यात्रा टीम का पटना में गर्मजोशी से स्वागत किया। पद्म भूषण अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में यह टीम नेपाल के जनकपुर धाम से अपनी यात्रा शुरू कर विभिन्न राज्यों से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून तक जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकली टीम

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार, नदियों का पुनरुद्धार और जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। यात्रा के दौरान टीम ने बिहार सरकार द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की। टीम के सदस्यों ने कहा कि बिहार पर्यावरण के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों की तुलना में एक अनूठी और प्रगतिशील भूमिका निभा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

बढ़ा हरा-भरा क्षेत्र और सिंचाई क्षमता

मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिहार-झारखंड विभाजन के समय राज्य का हरा-भरा क्षेत्र (ग्रीन कवर) मात्र 6 प्रतिशत था, जो अब तेजी से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में जल संरक्षण और वृक्षारोपण के कार्यों में बड़ी सफलता मिली है।"

सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले बिहार की सिंचाई योग्य भूमि 21 लाख हेक्टेयर थी, जो अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गई है।

नदियों का प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण की योजना

बाढ़ की समस्या और जल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि गंडक, कोसी और गंगा नदियों के पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए एक स्थायी योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हो गया है। इसके तहत इंद्रपुरी बैराज का निर्माण किया जाएगा और सोन नदी के पानी को फल्गु नदी से जोड़ा जाएगा।

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

विकास के अन्य पहलुओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है और सभी घरों में 24 घंटे निर्बाध बिजली पहुंचाई जा रही है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के आंकड़ों पर जोर देते हुए बताया कि:

  • 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
  • 50 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।
  • 60 लाख 'पशु सखियों' का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक बिहार की सभी महिलाओं को कौशल प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो राज्य की अर्थव्यवस्था भी स्वतः ही सुदृढ़ होगी।

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