'महाराष्ट्र के भविष्य का सवाल': MPSC छात्रों के समर्थन में उतरेंगे संजय राउत

शिव सेना (UBT) के दिग्गज नेता संजय राउत आज पुणे में चल रहे MPSC छात्र आंदोलन का समर्थन करने के लिए आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं। राउत ने इस विरोध प्रदर्शन को केवल छात्रों का संघर्ष नहीं, बल्कि "महाराष्ट्र के भविष्य का सवाल" बताया है।
छात्रों का दिन-रात का संघर्ष
पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की तैयारी कर रहे हजारों छात्र पिछले तीन से चार दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। छात्रों का यह आक्रोश भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली, पेपर लीक और अपने करियर को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के कारण है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे को सरकार के सामने प्रमुखता से उठाया है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिससे उनकी मेहनत और भविष्य दोनों दांव पर लगे हैं।
"पुणे में MPSC के छात्र तीन-चार दिनों से दिन-रात धरने पर बैठे हैं। रोहित पवार ने इस मुद्दे को प्रकाश में लाया है। पेपर लीक, अनियमितता और भविष्य की अनिश्चितता ही उनके आक्रोश का कारण है। आज शाम 6:30 बजे मैं इस आंदोलन से मिलने जा रहा हूं। यह महाराष्ट्र के भविष्य का सवाल है!"
— संजय राउत
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संजय राउत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रशासन केवल मौखिक आश्वासन देकर छात्रों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- सरकार एक तरफ घोटाले की जांच और रिक्त पदों पर भर्ती का वादा कर रही है।
- दूसरी तरफ, छात्रों के बीच फूट डालने की कोशिश की जा रही है।
- आंदोलनकारियों को डराने के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला ड्रग इंस्पेक्टर के पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। इसकी स्क्रीनिंग परीक्षा 22 मार्च को आयोजित की गई थी। इसके बाद जुलाई में साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी हुई और मेरिट लिस्ट भी जारी की गई।
हालांकि, 22 से 26 जुलाई के बीच आयोग को कई शिकायतें मिलीं। उम्मीदवारों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि 22 मार्च की परीक्षा से दो दिन पहले ही, यानी 20 मार्च को ही प्रश्न पत्र लीक हो गए थे और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे थे। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए MPSC ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद से छात्र न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर हैं।