महिला सम्मान पर राहुल गांधी का दोहरा चरित्र: संजय सरावगी का हमला

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके 'दोहरे चरित्र' को उजागर करने का दावा किया है। सरावगी ने कहा कि जो नेता महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वे अपनी ही पार्टी के सांसद पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर चुप्पी साध कर अपना असली चेहरा दिखा रहे हैं।
सांसद पर लगे आरोपों पर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल
संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस सांसद अंगोमोचा बिमोल अकोइजम पर 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा सांसद को पूछताछ के लिए तलब किया जाना कानून की निष्पक्षता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी महिलाओं के सम्मान पर भाषण तो देते हैं, लेकिन जब मामला उनकी अपनी पार्टी के सांसद से जुड़ा हो, तो वे मौन क्यों हैं?
सरावगी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के "दिखाने और खाने के दांत" अलग-अलग हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता और कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन में आगे आए दिग्गज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन में फिल्म अभिनेता अनुपम खेर सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के आगे आने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जब हताश विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं, चुनाव आयोग और लोकतंत्र की निष्पक्ष प्रक्रिया के खिलाफ सुनियोजित तरीके से गलत नैरेटिव गढ़ने का प्रयास कर रहा है, तब हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है कि वह सच्चाई के पक्ष में खड़ा हो।
सरावगी ने बताया कि एसआईआर के समर्थन में लगभग 42 न्यायाधीशों और 100 से अधिक पूर्व आईएएस अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक पत्र जारी किए जाने के बाद अब फिल्म जगत के लोगों की आवाज भी सामने आ रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती के प्रति सजग है।
विपक्ष का नैरेटिव जनता के सामने बेनकाब
संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाना अब विपक्ष का एक चुनावी हथकंडा बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि जनता कांग्रेस और उसके सहयोगियों को बार-बार नकार चुकी है। राजनीतिक अप्रासंगिकता से परेशान होकर विपक्ष अब हंगामा कर रहा है और दिल्ली को जाम करने की कोशिश कर रहा है। सरावगी ने विश्वास जताया कि देश की जनता ऐसे प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी और लोकतंत्र तथा संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन में मजबूती से खड़ी रहेगी।