गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि: संजय सरावगी

Ghazala Saheb2 October 20262 min read0 viewsBihar
गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि: संजय सरावगी

पटना में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजकीय समारोहों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

गांधी मैदान में बापू को दी पुष्पांजलि

संजय सरावगी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर सरावगी ने गांधीजी के जीवन दर्शन को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी और मानवता का एक जीवंत संदेश है। उन्होंने कहा:

"पूज्य बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देशवासियों में स्वाधीनता की चेतना जगाई। स्वदेशी, स्वावलंबन, स्वच्छता और सामाजिक समरसता के उनके विचारों ने राष्ट्र निर्माण को एक नई दिशा प्रदान की है।"

सरावगी के अनुसार, गांधीजी के आदर्श आज भी राष्ट्रहित और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।

शास्त्री नगर में गूंजा 'जय जवान, जय किसान' का मंत्र

गांधी मैदान के बाद, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शास्त्री नगर पार्क में आयोजित राजकीय समारोह में पहुंचे। यहाँ उन्होंने राज्यपाल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

सादगी और दृढ़ नेतृत्व के प्रतीक थे शास्त्री

लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए संजय सरावगी ने कहा कि वे सादगी, सत्यनिष्ठा और दृढ़ नेतृत्व के अद्भुत प्रतीक थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कुशल नेतृत्व से देश को एकजुट रखा और आत्मनिर्भरता की भावना को सुदृढ़ किया।

शास्त्री जी के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:

  • जय जवान, जय किसान: शास्त्री जी ने राष्ट्र की सुरक्षा में जवानों और देश की समृद्धि में किसानों के अमूल्य योगदान को सम्मान दिया।
  • राष्ट्रहित सर्वोपरि: उनका जीवन सिखाता है कि देश का हित हमेशा सबसे ऊपर होना चाहिए।
  • प्रेरणा का स्रोत: उनका समर्पण और जनसेवा का भाव सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

संजय सरावगी ने अंत में जोर देकर कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना और समाज में सेवा, स्वावलंबन एवं राष्ट्रभावना को मजबूत करना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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