'मन की बात' से मिला प्रेरणा का मंत्र, मखाना की वैश्विक पहचान पर खुशी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पीएम मोदी की 'मन की बात' सुनी और बिहार के मखाना के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने पर खुशी जताई।

पटना स्थित बिहार भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में रविवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें संस्करण को सुना। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए जनकल्याण, राष्ट्रसेवा, स्वच्छता और स्वदेशी जैसे विचारों को समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
मखाना की अंतरराष्ट्रीय सफलता: 'वोकल फॉर लोकल' की बड़ी जीत
संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के पूर्णिया के मखाना का विशेष उल्लेख किए जाने पर उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से बिहार के सीमांचल क्षेत्र का मखाना अब ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों तक पहुंच गया है।
मखाना की इस वैश्विक सफलता पर उन्होंने निम्नलिखित बातें कहीं:
- यह बिहार के किसानों की कड़ी मेहनत और प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान की शानदार सफलता है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग के कारण स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है।
- बेहतर पैकेजिंग और वैश्विक पहुंच से किसानों, उद्यमियों और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।
त्योहारों पर स्वच्छता और स्वदेशी का संदेश
आगामी दीपावली और महापर्व छठ के संदर्भ में संजय सरावगी ने स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छठ बिहार की आस्था और लोकपरंपरा का महापर्व है, ऐसे में घाटों, तालाबों और नदियों को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
"स्वच्छता अभियान को केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।"
इसके साथ ही उन्होंने दीपावली पर स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को भी गति देगा।
आधुनिक तकनीक और नवाचार से विकास का मार्ग
प्रधानमंत्री के संबोधन में अंगदान के प्रति जागरूकता, ई-संजीवनी, विज्ञान, अनुसंधान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों पर हुई चर्चा को उन्होंने समाज के लिए नई दिशा देने वाला बताया। संजय सरावगी के अनुसार, इन क्षेत्रों में नवाचार और जनभागीदारी से ही देश की विकास यात्रा को नई गति मिल सकती है और विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।