2047 के विकसित भारत के लिए आज के बच्चे बनेंगे आधार: संजय सरावगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दीघा के विकास मंडल अंतर्गत एनटीपीसी, आशियाना नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आँगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी मुख्य रूप से शामिल हुए।
इस अवसर पर दीघा के विधायक संजीव चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल और शोभा सिंह सहित कई भाजपा पदाधिकारी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, अभिभावक और बच्चे मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान खुशियों का माहौल रहा, जहाँ गोदभराई और अन्नप्राशन जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से परिवारों को शुभकामनाएं दी गईं।
आंगनबाड़ी: भविष्य की मजबूत नींव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय सरावगी ने आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये केंद्र केवल बच्चों के पोषण या प्रारंभिक देखभाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये मां, बच्चे और पूरे परिवार के बेहतर भविष्य की नींव रखने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
सरावगी ने आंगनबाड़ी सेविका रीता और सहायिका रिंकू सहित सभी कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा:
- यहाँ बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के साथ-साथ माताओं को भी जरूरी जानकारी और सहयोग मिलता है।
- सेविका और सहायिका बहनें घर-घर जाकर परिवारों से जुड़ती हैं और बच्चों के स्वस्थ भविष्य की तैयारी करती हैं।
- इन कर्मियों का कार्य समाज के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
2047 का विजन और बच्चों का भविष्य
संजय सरावगी ने एक दूरदर्शी दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि आज जो बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वे वर्ष 2047 तक युवा बन जाएंगे। उस समय देश के विकास और नेतृत्व में इन्हीं बच्चों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि बच्चों का बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा उन्हें भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकसित और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के हर वर्ग की भागीदारी को आवश्यक बताया।
निष्ठा से किया गया कार्य भी है देशसेवा
आंगनबाड़ी कर्मियों को प्रेरित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने देशसेवा की एक नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश की सीमा पर सैनिक सेवा करते हैं, उसी प्रकार यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने क्षेत्र में अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करे, तो वह भी देशसेवा का ही एक महत्वपूर्ण रूप है।
उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका बहनों से आग्रह किया कि वे अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएं ताकि आने वाली पीढ़ी सशक्त बन सके। कार्यक्रम का समापन अन्नप्राशन और गोदभराई में शामिल परिवारों को आशीर्वाद और शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।