युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है संस्कृत, दरभंगा में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

दरभंगा में श्रीरामसुन्दर संस्कृत विश्वविद्यालय प्रतिष्ठानम् एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्कृत सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘युवशक्तिविकासाय संस्कृतस्य महत्त्वम्’ था, जिसमें संस्कृत भाषा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व विकास पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और मंगलाचरण के साथ की गई। प्राचार्य डॉ. कामेश्वर चौधरी ने कहा कि संस्कृत युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. कुलदीप शर्मा ने कहा कि संस्कृत अध्ययन से युवाओं में तार्किक चिंतन और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. प्रियव्रत मिश्र ने रोजगारपरक अवसरों पर प्रकाश डाला।
संत रामविनोद दास और संत ललितदास ने युवाओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अर्कनाथ चौधरी ने की।