सारण के मासूम को मिली स्पेन की माँ, डीएम ने सौंपा बच्चा

बिहार के सारण जिले से एक बेहद भावुक और दिल जीत लेने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में रह रहे एक मासूम शिशु को अब एक नया और खुशहाल परिवार मिल गया है। इस बच्चे को स्पेन की एक एकल महिला ने गोद लिया है, जिससे इस नन्हे जीवन की एक नई और सुखद यात्रा शुरू होने जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ बच्चा सौंपा गया
इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शिता और सभी निर्धारित नियमों के तहत पूरा किया गया। सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अपने कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पेन की इस एकल माता को नियमानुसार और विधिवत रूप से अंतिम दत्तक ग्रहण आदेश प्रदान किया। इसके बाद उन्होंने शिशु को सुरक्षित रूप से माता को सुपुर्द कर दिया।
मिशन वात्सल्य और नियमों का पालन
यह गोद लेने की प्रक्रिया केवल एक औपचारिक कदम नहीं थी, बल्कि इसे पूरी तरह से कानूनी मानकों के अनुरूप संपन्न किया गया। इस प्रक्रिया में निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं का पालन किया गया:
- मिशन वात्सल्य: यह पूरी प्रक्रिया महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा संचालित पोर्टल 'मिशन वात्सल्य' के माध्यम से संपन्न हुई।
- कानूनी ढांचा: दत्तक ग्रहण की यह पूरी प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम 2015 और दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत पूरी की गई।
डीएम ने दी शुभकामनाएं और दिया संदेश
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने समाज के प्रति एक बड़ा और सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने इस मानवीय कार्य की सराहना करते हुए कहा कि:
"प्रत्येक बच्चे को परिवार का स्नेह और एक सुरक्षित भविष्य पाने का पूरा अधिकार है। दत्तक ग्रहण करना समाज का सबसे पुनीत और नेक कार्य है।"
उन्होंने स्पेन से आई इस नई माँ से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे इस शिशु को अपनी जैविक संतान की तरह ही भरपूर प्यार और ममता दें। साथ ही, उन्होंने बच्चे को उत्कृष्ट शिक्षा और अच्छे संस्कार देने का भी आह्वान किया ताकि वह भविष्य में एक सफल और जिम्मेदार नागरिक बन सके।