सारण में नाव सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, DM और SSP ने दिए कड़े निर्देश

सारण जिले में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें नौका परिचालन के नियमों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हर नाव का पंजीकरण और लाइफ जैकेट अनिवार्य
बैठक में जिले में संचालित होने वाली सभी छोटी-बड़ी नावों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि:
- जिले में चलने वाली सभी नावों का निबंधन (Registration) अनिवार्य है।
- प्रत्येक नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, रस्सी और ट्यूब जैसे जीवनरक्षक उपकरण होने चाहिए।
- नावों पर उनकी क्षमता स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या न हो।
निगरानी के लिए बनेगा व्हाट्सएप ग्रुप
सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है। अनुमंडल स्तर पर आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे, जिससे सुरक्षा संबंधी जानकारी तुरंत साझा की जा सके। इसके साथ ही, एसडीओ (SDO) और एसडीपीओ (SDPO) को नियमित रूप से घाटों का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है।
"यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन दो दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।" - जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव
घाटों पर लागू होगी निषेधाज्ञा और विशेष मार्किंग
नदी के बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा को देखते हुए घाटों पर निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
- घाटों पर खतरे के निशान को लाल रंग से चिह्नित किया जाएगा।
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आवश्यक निषेधाज्ञा लागू की जाएगी।
- थाना प्रभारियों और अंचलाधिकारियों को घाटों पर तैनात कर्मियों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही, जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे नाव मालिकों के साथ बैठक कर नावों के निबंधन और नवीनीकरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करवाएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।