सारण में बाल श्रम पर बड़ी स्ट्राइक: 5 बच्चे मुक्त, दुकानदारों में हड़कंप

सारण जिले में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत औचक छापेमारी की गई। इस विशेष अभियान के दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों की टीम ने कई प्रतिष्ठानों पर धावा बोला, जिससे बाल श्रम में लिप्त दुकानदारों और मालिकों के बीच भारी हड़कंप मच गया।
छापेमारी से मचा हड़कंप
प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई ने उन दुकानदारों की नींद उड़ा दी है जो कानून की आंखों में धूल झोंककर बच्चों से काम करा रहे थे। छापेमारी दल ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जांच की और पाया कि कई जगहों पर बच्चों को अनुचित परिस्थितियों में काम पर लगाया जा रहा था।
कहाँ-कहाँ से मुक्त कराए गए बच्चे?
अभियान के दौरान कुल 05 बाल श्रमिकों को उनके कार्यस्थलों से मुक्त कराया गया। अलग-अलग क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार:
- दरियापुर: यहाँ से 02 बच्चों को मुक्त कराया गया।
- जलालपुर: यहाँ से 01 बच्चे को मुक्त कराया गया।
- सदर छपरा: यहाँ से 02 बच्चों को मुक्त कराया गया।
दोषी नियोजकों पर लगेगा भारी जुर्माना
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बाल श्रम को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में शामिल सभी दोषी नियोजकों के विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, दोषी पाए जाने वाले नियोजकों को न केवल कानूनी सजा भुगतनी होगी, बल्कि उन्हें दंड स्वरूप 20-20 हजार रुपये