सारण में पटाखों की बिक्री के लिए सख्त नियम, केवल ग्रीन पटाखे ही चलेंगे
सारण में दीपावली और छठ के लिए पटाखों की बिक्री हेतु गाइडलाइन जारी। केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति और सुरक्षा के कड़े नियम लागू।

सारण जिले में आगामी दीपावली और छठ पर्व के मद्देनजर प्रशासन ने सारण में पटाखे बिक्री के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला दंडाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना और पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
केवल ग्रीन पटाखों की होगी अनुमति
सर्वोच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का पालन करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में केवल कम उत्सर्जन वाले और प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की ही अनुमति दी जाएगी। जाँच के बाद ही इनकी बिक्री की अनुमति मिलेगी, जबकि अन्य प्रकार के पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा और भंडारण के लिए कड़े मानक
पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए निम्नलिखित सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:
- पटाखा भंडारण और विक्रय स्थल अज्वलनशील सामग्री से बने होने चाहिए।
- भंडारण स्थल और विक्रय स्थल के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए।
- विक्रय स्थल किसी भी संरक्षित कार्य स्थल से कम से कम पचास मीटर की दूरी पर होना चाहिए।
- सुरक्षा के लिहाज से विक्रय और संरक्षित स्थल एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं होंगे।
- एक क्लस्टर में 50 से अधिक दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
आपातकालीन व्यवस्था और बिजली के नियम
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी निर्देश दिए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में कम से कम दो अग्निशमन वाहन और एक फर्स्ट-एड एम्बुलेंस की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाएगी। इसके साथ ही, विस्फोटक और खतरनाक सामानों से संबंधित चेतावनी बोर्ड भी प्रदर्शित करने होंगे।
विद्युत व्यवस्था को लेकर सख्त हिदायत दी गई है कि कहीं भी झूलते हुए तारों का उपयोग नहीं किया जाएगा। सभी वायरिंग दीवारों या छतों पर फिक्स होनी चाहिए और प्रत्येक दुकान का स्विच अलग दीवार पर होना चाहिए।
लाइसेंस और आवेदन प्रक्रिया
अस्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 500 रुपये का चालान जमा करना होगा। आवेदन जिला शस्त्र शाखा के माध्यम से संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को भेजे जाएंगे। सभी एसडीओ को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।