सारण: बाढ़ से टूटी सड़कों की मरम्मत तेज, प्रशासन अलर्ट
सारण में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। जिलाधिकारी ने समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

सारण जिले में बाढ़ के कहर के बाद अब सड़कों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। बाढ़ के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके मरम्मत और यातायात को फिर से सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
प्रशासन ने इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि वे प्राथमिकता के आधार पर घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरम्मत कार्यों की नियमित रूप से निगरानी की जाए। इसके साथ ही, जिला स्तर के प्रशासनिक पदाधिकारियों को विभिन्न पथ प्रमंडलों के साथ जोड़ दिया गया है, ताकि वे काम की प्रगति की लगातार निगरानी कर सकें।
मकेर में सड़कों का हुआ स्थलीय सर्वेक्षण
इसी कड़ी में, जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कनीय अभियंता के साथ मिलकर मकेर प्रखंड का दौरा किया। यहाँ ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा निर्मित उन सड़कों का जायजा लिया गया, जो बाढ़ की वजह से खराब हो गई थीं। निरीक्षण के दौरान कुल 09 पथों की वर्तमान स्थिति की जांच की गई।
- सड़कों की स्थिति: जांच के दौरान पाया गया कि इनमें से 08 पथों पर आवागमन सुचारू रूप से चालू है।
- मरम्मत कार्य: पुरुषोत्तमपुर से नौकरहा तक जाने वाले पथ पर मरम्मत का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है।
जिलाधिकारी का सख्त निर्देश
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को आपसी समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।