सारण: बाढ़ का पानी उतरते ही महामारी का खतरा, DM ने दिए कड़े निर्देश

सारण जिले में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरों की आहट भी सुनाई देने लगी है। जलस्तर घटने के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी ने स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
संक्रमण रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों से बाढ़ का पानी कम हो रहा है, वहां सबसे पहले स्वच्छता पर ध्यान दिया जाए। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और सैनिटाइजेशन का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पानी उतरने के बाद कोई भी महामारी या जलजनित बीमारी लोगों के बीच न फैले।
स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को फील्ड में उतरते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह से सुरक्षा उपकरणों से लैस होना चाहिए। काम के दौरान ग्लव्स, पीपीई किट (PPE Kit) और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है, ताकि स्वास्थ्यकर्मी खुद को संक्रमण से सुरक्षित रख सकें और अपना काम प्रभावी ढंग से कर सकें।
राहत शिविर और चिकित्सा सेवाओं की निगरानी
वर्तमान में जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई और चिकित्सा सेवाओं का संचालन मुस्तैदी से कर रहा है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा सके।