सारण में बाढ़ का कहर: रेस्क्यू के लिए 10 अतिरिक्त नावें तैनात, 2 की मौत

सारण जिले में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के लिए कमर कस ली है। जलजमाव वाले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की मदद के साथ अब एसडीआरएफ (SDRF) की 10 अतिरिक्त मोटर बोट भी तैनात कर दी गई हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई तेजी
इन अतिरिक्त नावों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य जलजमाव वाले क्षेत्रों में फंसे ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि कोई भी व्यक्ति पानी के बीच फंसा न रहे। नावों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान को गति दी जा रही है ताकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए और लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सके।
आधी रात को अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
बाढ़ की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। देर रात करीब 12:00 बजे जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने छपरा स्थित खेल भवन का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां तैयार किए जा रहे सूखा राशन के पैकेटों की पैकिंग और उनकी गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत सामग्री का वितरण पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित गति से होना चाहिए ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।
दो युवकों की डूबने से मौत, मुआवजे का ऐलान
इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक दुखद खबर भी सामने आई है। पानापुर प्रखंड में बाढ़ के पानी में डूबने से दो युवकों की जान चली गई है। मृतकों की पहचान ग्राम चकिया निवासी अनिल कुमार और ग्राम फजुली निवासी सत्यम कुमार के रूप में हुई है।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि का चेक प्रदान किया है। यह चेक महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, तरैया विधायक जनक सिंह, जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में सौंपा गया।