सारण में माही नदी का तटबंध टूटने से आठ गांव प्रभावित, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने किया निरीक्षण

सारण जिले में गड़खा से पट्टी शीतलपुर की ओर जाने वाली माही नदी का तटबंध टूटने से ग्रामीणों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मोहन कोठियां गांव के समीप स्थित सिमरहिया बांध रविवार की सुबह अचानक टूट गया, जिससे आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा। इस घटना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तटबंध टूटने से मोहन कोठिया, घोरहो कोठिया, मुजौना, धर्मागत, जैतीपुर और रामपुर समेत कुल आठ गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवागमन, खेती-बारी और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सांसद प्रतिनिधि सह भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश कुमार सिंह को दी। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव को इसकी जानकारी दी।
प्रशासनिक और राजनीतिक दौरा
सूचना मिलते ही प्रशासनिक तंत्र हरकत में आ गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के निर्देश पर कटाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर कटाव निरोधी कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थिति का निरीक्षण करने के लिए उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सांसद प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह और विधायक करिश्मा राय मौजूद रहीं।
राहत और बचाव कार्य
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सामुदायिक किचन की भी शुरुआत की जाएगी ताकि भोजन की समस्या न हो। साथ ही, आपदा से प्रभावित सभी परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा भी दिया जाएगा। सांसद प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह ने सांसद राजीव प्रताप रूडी को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे टूटे हुए तटबंध के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।