सारण शिक्षक चुनाव 2026: 23 को मतदान, जानें वोटिंग की ये जरूरी नियम

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। आगामी शिक्षक चुनाव को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को आयुक्त कार्यालय के सभागार में निर्वाची पदाधिकारी-सह-आयुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया ताकि चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।
मतदान और मतगणना का पूरा शेड्यूल
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, वोटों की गिनती के लिए 27 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल 98 मतदान केंद्रों पर 10,748 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
वोटिंग में न करें ये गलती, वरना बेकार हो जाएगा मतपत्र
इस बार मतदान प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। चूंकि यह चुनाव मतपत्र आधारित होगा, इसलिए मतदाताओं को अपनी पसंद के अभ्यर्थियों के लिए 'अधिमानता क्रम' (Preference order) में अंक अंकित करने होंगे। इस प्रक्रिया में चूक होने पर आपका वोट रद्द हो सकता है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि:
- प्रथम अधिमानता अनिवार्य: मतदाता को अपने पहले पसंदीदा उम्मीदवार के लिए अंक अंकित करना अनिवार्य है। यदि प्रथम अधिमानता नहीं दी गई, तो मतपत्र को अवैध घोषित कर दिया जाएगा।
- अंकों का सही प्रयोग: अधिमानता दर्शाने के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय (1, 2, 3...) अथवा रोमन (I, II, III...) अंकों का ही प्रयोग मान्य होगा।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदाताओं को इस नई और महत्वपूर्ण प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करें ताकि कोई भी मतदाता गलती के कारण अपने वोट के अधिकार से वंचित न रह जाए।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े निर्देश
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की गई:
- मतदान केंद्रों पर दीवार लेखन और प्रचार-प्रसार।
- मतदान कर्मियों की नियुक्ति और उनका प्रशिक्षण।
- मतदान सामग्री की उपलब्धता और परिवहन व्यवस्था।
- मतपेटियों की सुरक्षा और पुलिस बल की तैनाती।
- नियंत्रण कक्ष का सुचारू संचालन।
आयुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और एक भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न कराने पर जोर दिया है।