सारण विकास योजना पर बड़ी बैठक: 103 एजेंडे पर मंथन, सांसद रूडी ने दिए निर्देश

सारण में सांसद राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता में दिशा बैठक हुई, जिसमें 103 विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर गहन चर्चा की गई।

Ghazala Saheb3 November 20262 min read0 viewsBihar
सारण विकास योजना पर बड़ी बैठक: 103 एजेंडे पर मंथन, सांसद रूडी ने दिए निर्देश

सारण के जिला समाहरणालय सभागार में सारण विकास योजना की समीक्षा और भविष्य की रूपरेखा तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सांसद राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की इस बैठक में जिले के विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

लगभग छह घंटे तक चली इस बैठक में दो सत्रों के दौरान कुल 103 एजेंडा विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें सड़क, बिजली, पेयजल, पुल, सिंचाई, शहरी निकाय और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा

बैठक के दौरान वृक्ष पातन, सड़क निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, राम-जानकी पथ और सिंचाई से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सांसद रूडी ने इन विषयों पर नीतिगत निर्णयों के लिए जनप्रतिनिधियों की सहमति प्राप्त की। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न मामलों में गहन जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश भी दिए।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय

इस बैठक में जिले के कई दिग्गज नेता और अधिकारी मौजूद रहे। महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, तरैया विधायक जनक सिंह, बनियापुर विधायक केदारनाथ सिंह, मांझी विधायक रणधीर सिंह, छपरा विधायक छोटी कुमारी, परसा विधायक करिश्मा राय, सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह सहित विधान परिषद के सदस्य डॉ. सच्चिदानंद राय और वीरेंद्र नारायण यादव भी उपस्थित थे।

प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार सहित लगभग 200 अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

बाढ़ राहत कार्यों की सराहना

बैठक के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद राजीव प्रताप रूडी ने जिला प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले दो बाढ़ों के दौरान प्रशासन ने आपदा के समय बेहतरीन समन्वय और राहत कार्य दिखाए हैं।

सांसद ने कहा कि दिशा समिति की बैठक हर चार माह पर आयोजित की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है ताकि विकास कार्यों में तेजी आए।
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