सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में दीपावली और छठ की जीवंत झांकियां, भावविभोर हुए दर्शक
सारण के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में छात्रों ने दीपावली और छठ महापर्व की जीवंत झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम पेश किया।

सारण के दर्शन नगर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में एक अद्भुत सांस्कृतिक संगम देखने को मिला। यहाँ के नन्हे कलाकारों ने दीपावली और छठ महापर्व की महत्ता को जीवंत झांकियों के माध्यम से मंच पर उतार दिया। इस आयोजन ने न केवल दर्शकों का मन मोह लिया, बल्कि भारतीय परंपराओं की गहराई और गौरव को भी प्रदर्शित किया।
अयोध्या वापसी और दीपों का उत्सव
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव, सचिव डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह, सदस्य सुरभित दत्त, डॉ. ओंकार नाथ, पूर्णेंदु रंजन और प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद छात्रों ने भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन का दृश्य प्रस्तुत किया।
मंच पर जब माता सीता और लक्ष्मण के साथ श्रीराम के स्वागत में प्रजाजनों द्वारा दीप जलाए गए, तो दीपावली का ऐतिहासिक महत्व सजीव हो उठा। इस जीवंत झांकी ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।
छठ महापर्व की कठिन साधना का मंचन
दीपावली के बाद, मंच पर बिहार की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक महापर्व छठ का दृश्य उभरा। विद्यार्थियों ने छठ व्रत की तीन दिवसीय कठिन प्रक्रिया को बेहद प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। बाल कलाकारों ने निम्नलिखित भावों को शानदार तरीके से दर्शाया:
- कठिन साधना: छठ व्रत के निर्जला उपवास की पवित्रता।
- सूर्य उपासना: सूर्य देव के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता।
- सांस्कृतिक गौरव: लोक आस्था के इस महापर्व की पारंपरिक गरिमा।
सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता का लक्ष्य
विद्यालय के सचिव डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह ने इस भव्य आयोजन के पीछे के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य देशवासियों, विशेषकर युवा पीढ़ी को लोक आस्था के इन महापर्वों की महत्ता और हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना है।
"हमारा उद्देश्य बच्चों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है।"
आयोजन की सफलता में शिक्षकों का योगदान
प्रधानाचार्य विनोद कुमार के कुशल मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार आजाद के नेतृत्व में इस पूरे आयोजन को सफल बनाया गया। इस दौरान शिक्षिका स्वाति सिंह और आचार्य पंकज कुमार पांडेय सहित समस्त शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सांस्कृतिक उत्सव का भरपूर आनंद लिया।