सरदार पटेल की जयंती पर फारबिसगंज में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
अररिया के फारबिसगंज में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर एकता दिवस मनाया गया और देश की अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

अररिया जिले के फारबिसगंज में शनिवार को देश के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती बड़े ही गरिमामय तरीके से मनाई गई। इस विशेष अवसर पर फारबिसगंज के वार्ड संख्या 24 स्थित सरदार पटेल चौक पर 'एकता और अखंडता दिवस' का आयोजन किया गया।
पुष्प अर्पित कर ली देश की अखंडता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों ने सरदार पटेल के तैलचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने न केवल उनके महान कार्यों को याद किया, बल्कि देश की एकता और अखंडता को हमेशा बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया।
रियासतों के एकीकरण में निभाई थी ऐतिहासिक भूमिका
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पटेल चौक के संयोजक शंकर प्रसाद साह ने की। अपने संबोधन में उन्होंने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि:
"सरदार वल्लभभाई पटेल एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कुशल प्रशासक थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उनकी दृढ़ता को देखते हुए उन्हें 'लौह पुरुष' की उपाधि से सम्मानित किया था।"
शंकर प्रसाद साह ने आगे कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने सैकड़ों रियासतों को एक राष्ट्र के रूप में जोड़ने की कठिन चुनौती थी। सरदार पटेल की दूरदर्शिता और अटूट नेतृत्व के कारण ही भारत को एक मजबूत और अखंड आधार मिल सका। उनका जीवन आज भी राष्ट्रीय एकजुटता और दृढ़ इच्छाशक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक है।