सतीश जरकीहोली की सफाई: 'भाजपा की साजिश को राहुल गांधी ने किया नाकाम'
कर्नाटक मंत्री सतीश जरकीहोली ने मतदाता सूची में नाम हटाने की साजिश पर अपनी बात स्पष्ट की है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना की है।

कर्नाटक के मंत्री सतीश जरकीहोली ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर दिए गए अपने पिछले बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनके बयानों की गलत व्याख्या की गई है और उनका असली मकसद भाजपा की उस कथित साजिश को उजागर करना था, जिसके तहत कांग्रेस समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही थी।
क्या गलत समझा गया मेरा बयान?
जरकीहोली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका बयान इस बारे में था कि भाजपा द्वारा 'फॉर्म-7' के जरिए कांग्रेस समर्थकों के नाम मतदाता सूची से मिटाने की जो कोशिश की गई थी, उसे राहुल गांधी के नेतृत्व वाले आंदोलन और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के मार्गदर्शन में विफल कर दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया, "मेरा मतलब यह नहीं था कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह सही है, बल्कि मेरा इरादा यह बताना था कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास को सफलतापूर्वक रोका गया है। बेलगावी जिले से ही इस तरह के प्रयासों को नाकाम करने में सफलता मिली है।"
"योग्य मतदाताओं के अधिकारों को छीनने के किसी भी प्रयास के खिलाफ मेरा रुख शुरू से ही सख्त रहा है। मैं लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे नेता श्री राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ा हूं।"
फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं को हटाने की कोशिश
मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका रुख हमेशा से मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से अवैध रूप से नाम हटाना एक गंभीर मुद्दा है और वह इसके खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।
पार्टी के भीतर ही उठे सवाल
जरकीहोली के इस रुख ने पार्टी के भीतर ही कुछ असहजता पैदा कर दी है। इससे पहले उन्होंने कर्नाटक में SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा था कि वहां यह प्रक्रिया सही तरीके से हुई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मंत्री प्रियांख खड़गे ने कुछ गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया।
खड़गे ने बताया कि चित्तूर में एक ही बूथ पर एक ही समुदाय के 40 लोगों को निशाना बनाया गया था। जांच में पता चला कि वहां भारी मात्रा में पहले से छपे हुए 'फॉर्म-7' मौजूद थे, जिनका कोई स्रोत नहीं था। उन्होंने कहा, "लोग कह रहे थे कि यह 'ऊपर से' आया है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि यह एक केंद्रीय साजिश है, जिसकी हम तह तक जाएंगे।"
बड़ी रैली की आहट
यह राजनीतिक गहमागहमी ऐसे समय में हो रही है जब 1 नवंबर को 'INDIA' गठबंधन की एक विशाल रैली आयोजित होने वाली है। इस रैली में लगभग 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता है कि भीड़ के कारण बाजार प्रभावित हो सकते हैं।