"यह पदक 1.4 अरब लोगों के लिए है": एशियाई खेलों में सतनाम सिंह का ऐतिहासिक कमाल

Ghazala Saheb9 October 20262 min read0 viewsBihar
"यह पदक 1.4 अरब लोगों के लिए है": एशियाई खेलों में सतनाम सिंह का ऐतिहासिक कमाल

एशियाई खेलों के मंच पर भारत के लिए एक ऐतिहासिक पल आया है। रोवर सतनाम सिंह और उनके साथी सलमान खान ने पुरुष डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में यह उपलब्धि भारत के लिए बेहद खास है, क्योंकि 1951 के बाद इस स्पर्धा में भारत को कोई पदक नहीं मिला था।

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पंजाब के रहने वाले सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने नागारागावा इंटरनेशनल रेगुटा कोर्स पर 6:13.25 का समय दर्ज किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया। सतनाम के लिए यह दूसरा एशियाई खेल पदक है, इससे पहले उन्होंने हांगझू में क्वाड्रुपल स्कल्स में कांस्य पदक जीता था।

"यह पदक सिर्फ मेरा नहीं, पूरे देश का है"

जीत के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए सतनाम सिंह ने कहा, "मैं तहे दिल से बहुत खुश हूं कि हमने पुरुष डबल स्कल्स में कांस्य पदक जीता है। 1951 के बाद यह इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक है और हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में इस इवेंट में और भी पदक लाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "पोडियम पर खड़े होकर तिरंगे को लहराते हुए देखना एक ऐसा अहसास है जिसे केवल एक खिलाड़ी ही समझ सकता है। लोग टीवी पर देख रहे हैं, लेकिन यह पदक सिर्फ मेरा नहीं है। यह पदक 1.4 अरब लोगों के लिए है। हम भविष्य में और भी बेहतर करने की कोशिश करेंगे।"

सफलता के पीछे ट्रेनिंग और सरकारी सहयोग

सतनाम ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) को दिया। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें वित्तीय सहायता और बेहतरीन प्रशिक्षण सुविधाएं मिलीं।

  • यूरोप में ट्रेनिंग: एशियाई खेलों से पहले यूरोप में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों ने उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ाया।
  • अंतरराष्ट्रीय मुकाबला: दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।
  • TOPS का समर्थन: इस योजना के माध्यम से खिलाड़ियों को मासिक भत्ता और अन्य आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

घर में जश्न और मुख्यमंत्री का दौरा

सतनाम की इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर है। उनके पिता अमरीक सिंह ने बताया कि जब पदक जीतने की खबर मिली, तो पूरा परिवार बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सतनाम के घर पहुंचकर उन्हें इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी और उनकी सफलता का सम्मान किया।

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