सावन की अंतिम सोमवारी पर किशनगंज के महाकाल मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

किशनगंज में 24 अगस्त को सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल के जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने बाबा महाकाल को जलार्पण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर में पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में बाबा महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना की गई। किशनगंज शहर के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलार्पण के लिए पहुंचे, जिनमें महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
धार्मिक महत्व और सजावट
गुरु साकेत ने बताया कि सावन की सोमवारी का विशेष धार्मिक महत्व है और इस दिन बाबा महाकाल को जलार्पण करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अंतिम सोमवारी को लेकर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम के समय मंदिर परिसर में हवन का भी आयोजन किया गया। रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में पिछले करीब 18 वर्षों से बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना की जा रही है और शुरुआत में यहां बाबा महाकाल की अस्थायी प्रतिमा स्थापित थी, जिसे बाद में एक श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होने पर स्थायी प्रतिमा के रूप में स्थापित कराया गया।
अन्य जिलों से पहुंचे श्रद्धालु
महाकाल मंदिर में किशनगंज के अलावा पूर्णिया, कटिहार, अररिया, पटना और भागलपुर सहित बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से भी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।