यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ छपरा में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

Ghazala Saheb15 September 20261 min read10 viewsBihar
यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ छपरा में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

यूजीसी के नए नियमों और संशोधनों के विरोध में सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। सारण जिले के छपरा शहर में युवाओं, छात्र प्रतिनिधियों और स्वर्ण समाज के लोगों ने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शन की शुरुआत छपरा कचहरी स्टेशन से हुई, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हुए थे।

छपरा में निकला पैदल मार्च

हाथों में यूजीसी एक्ट रोल बैक और काला कानून वापस लो की तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कचहरी स्टेशन से शुरू हुआ यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ा और समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। विरोध के दौरान युवाओं का गुस्सा साफ नजर आ रहा था।

अधिकारों के हनन का आरोप

सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि नीतियों के नाम पर अधिकारों के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। मीडिया से बातचीत में एक महिला प्रदर्शनकारी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि नए नियम सवर्ण समाज के छात्रों के अधिकारों का हनन करते हैं। महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश निर्माण के लिए अपनी रियासतें, जमीनें और किले तक दान में दे दिए, लेकिन आज उनके वंशजों को ही अधिकारों से वंचित और प्रताड़ित किया जा रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कई सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।

चेतावनी और आगामी कदम

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के विवादित प्रावधानों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो सवर्ण समाज आगामी चुनावों में अपनी एकजुटता दिखाएगा। इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी रूप दिए जाने की भी चेतावनी दी गई है।

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