'कॉकरोच जनता पार्टी' विरोध: छात्र के खिलाफ नोटिस वापस, SC ने राहत दी

Prakriti Singh28 September 20262 min read3 viewsUttar Pradesh
'कॉकरोच जनता पार्टी' विरोध: छात्र के खिलाफ नोटिस वापस, SC ने राहत दी

सुप्रीम कोर्ट ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के एक छात्र को बड़ी राहत दी है। ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा जारी किए गए निवारक नोटिस के मामले को शीर्ष अदालत ने सोमवार को बंद कर दिया। यह फैसला तब आया जब यूपी अधिकारियों ने छात्र के खिलाफ जारी नोटिस को वापस लेने की बात स्वीकार कर ली।

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा विवाद कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। ग्रेटर नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने अक्षत के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 130 के तहत एक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के माध्यम से अक्षत को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और उतनी ही राशि की दो जमानतें पेश करने को कहा गया था।

प्रशासन का आरोप था कि अक्षत अन्य छात्रों को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के धरने में शामिल होने के लिए प्रेरित और संगठित कर रहे थे। इसी आधार पर उन पर निवारक कार्रवाई की जा रही थी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहनन की पीठ ने इस पर विचार किया। सुनवाई में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को सूचित किया कि प्रशासन ने वह नोटिस पहले ही वापस ले लिया है।

"एजी ने बयान दिया है कि नोटिस पहले ही वापस लिया जा चुका है। इस स्थिति में, यह निर्देश दिया जाता है कि नोटिस के आधार पर अतीत में की गई कोई भी कार्रवाई रद्द मानी जाएगी और परिणामस्वरूप, याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।"

अदालत ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि इस नोटिस के आधार पर अब तक जो भी कदम उठाए गए थे, उन्हें पूरी तरह से निरस्त माना जाए।

पहले भी जताई थी नाराजगी

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के मजिस्ट्रेट द्वारा छात्र को नोटिस जारी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। अदालत ने सवाल उठाया था कि जब पहले ही छात्रों के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी और संबंधित एफआईआर (FIR) भी रद्द कर दी गई थी, तो मजिस्ट्रेट ने इस तरह का नोटिस क्यों जारी किया?

अब नोटिस वापस लेने के बाद, छात्र अक्षत त्रिपाठी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।

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