सुप्रीम कोर्ट ने सीट बेल्ट और सड़क सुरक्षा नियमों से जुड़ी जनहित याचिका की खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन से जुड़ी एक जनहित याचिका को बंद कर दिया है। इस याचिका में वाहनों में सीट बेल्ट, बच्चों के सुरक्षा तंत्र और फर्स्ट-एइड किट के इस्तेमाल की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचे में पहले से ही ऐसे कई उपाय अनिवार्य हैं।
मुख्य बातें
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने यह आदेश 9 सितंबर को पारित किया। अदालत ने कहा कि मुख्य चिंता नियमों के अभाव की नहीं बल्कि उनके क्रियान्वयन की है। पीठ ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा उपायों के पालन के लिए पर्याप्त कानून मौजूद हैं।
कानून और याचिका की जानकारी
यह जनहित याचिका डॉ. ज्योतिदेव केशवदेव द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 194B और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 के नियम 138(3) का हवाला दिया था। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को सड़क सुरक्षा उपायों के सुझावों के लिए अपनी याचिका की कॉपी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजने की छूट दी है।