AI से न बढ़े डिजिटल अंतर, हर नागरिक तक पहुंचे लाभ: सिंधिया

Ghazala Saheb9 October 20262 min read0 viewsBihar
AI से न बढ़े डिजिटल अंतर, हर नागरिक तक पहुंचे लाभ: सिंधिया

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जोर देकर कहा है कि भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तकनीक के आने से 'डिजिटल डिवाइड' (डिजिटल अंतर) खत्म हो, न कि यह एक 'AI डिवाइड' का रूप ले ले। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असली उद्देश्य समावेशिता होना चाहिए, ताकि यह समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके और आवश्यक सेवाओं को बेहतर बना सके।

नई दिल्ली में आयोजित 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि AI की सफलता केवल उसकी तकनीकी जटिलता से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जाएगी कि वह आम नागरिक के जीवन में कितना वास्तविक बदलाव लाता है।

AI डिवाइड के खतरे से आगाह

मंत्री ने चेतावनी दी कि दुनिया भर में लगभग 2.2 अरब लोग अभी भी ऑफलाइन हैं। उन्होंने आगाह किया कि पिछले दो दशकों में जो डिजिटल अंतर देखा गया, उसे अगले दो दशकों में AI डिवाइड में बदलने से रोकना होगा।

सिंधिया के अनुसार, AI का असली परीक्षण तब होगा जब:

  • किसान बेहतर निर्णय लेने में सक्षम हों।
  • डॉक्टर तेजी से बीमारियों का निदान कर सकें।
  • शिक्षक बच्चों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।

भारत का AI मिशन और सस्ता कंप्यूटिंग

भारत की AI रणनीति साझा बुनियादी ढांचे के विकास पर टिकी है। 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर के 'इंडियाएआई मिशन' (IndiaAI Mission) के तहत, देश में कंप्यूटिंग संसाधनों को सुलभ बनाया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि इस मिशन के तहत 38,000 से अधिक हाई-एंड ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) को लगभग 65 रुपये प्रति घंटे की दर पर उपलब्ध कराया गया है, जो वैश्विक औसत लागत का लगभग एक-तिहाई है। इसके अलावा, 20,000 और GPUs जोड़ने की योजना है।

भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की मजबूती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में 1.1 बिलियन ब्रॉडबैंड कनेक्शन हैं और 99.9 प्रतिशत जिलों में 5G कवरेज उपलब्ध है।

सुरक्षा और धोखाध

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