सुपौल: बुजुर्गों को सिखाए गए कानूनी अधिकार और साइबर सुरक्षा के गुर

Ghazala Saheb1 October 20262 min read4 viewsBihar
सुपौल: बुजुर्गों को सिखाए गए कानूनी अधिकार और साइबर सुरक्षा के गुर

सुपौल जिले के बीरपुर न्यायालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम और सहायता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार और अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति, बीरपुर के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार बच्चन ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में पौधरोपण भी किया गया, जो समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।

कानूनी अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा पर जोर

संबोधन के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार बच्चन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के लिए ज्ञान और अनुभव का अनमोल स्रोत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना और उन्हें न्याय सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बुजुर्गों को सलाह दी कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का सामना होने पर बिना डरे विधिक सहायता लें।

अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष विनय शंकर ने भी वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध विधिक संरक्षण और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए दी गई महत्वपूर्ण सलाह

आज के डिजिटल युग में बुजुर्गों को वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा अधिक रहता है। इस शिविर में बैंक प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग के गुर सिखाए। उन्होंने ऑनलाइन लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जैसे:

  • एटीएम और डेबिट कार्ड का उपयोग करते समय सावधानी बरतें।
  • ओटीपी (OTP) और पिन (PIN) कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
  • यूपीआई (UPI) और अन्य डिजिटल माध्यमों से लेनदेन करते समय सतर्क रहें।

निःशुल्क कानूनी सहायता की सुविधा

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव ने बताया कि न्याय पाना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक अभाव या अन्य कारणों से कानूनी लड़ाई नहीं लड़ सकता, तो विधिक सेवा प्राधिकार उसे निःशुल्क कानूनी सलाह, सहायता और विधिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जरूरत पड़ने पर पैनल अधिवक्ताओं या विधिक समितियों से संपर्क करें।

इस कार्यक्रम में बीरपुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, पुलिस प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं सहित कई वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया।

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