शरद पवार की तबीयत में सुधार, डॉक्टरों की निगरानी में दिग्गज नेता
एनसीपी नेता शरद पवार की तबीयत में सुधार हुआ है। पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती पवार अब बेहतर महसूस कर रहे हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों के लिए राहत भरी खबर आई है। पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती दिग्गज नेता की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और वे पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं।
मौसम के बदलाव से हुआ था संक्रमण
परिवार के करीबी मित्र विट्ठल मानियार ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के कारण शरद पवार को खांसी की समस्या हुई थी, जो आगे चलकर मामूली सी छाती के संक्रमण (chest infection) में बदल गई। मानियार के अनुसार, "मौसम बदलने की वजह से उन्हें खांसी हुई, जिससे हल्का संक्रमण हो गया। उन्हें जांच के लिए अस्पताल लाया गया था, लेकिन सभी टेस्ट में कुछ भी चिंताजनक नहीं पाया गया है।"
डॉक्टरों की सलाह और निगरानी
अस्पताल के विशेषज्ञों ने सावधानी बरतते हुए उन्हें कुछ दिनों तक निगरानी में रखने का निर्णय लिया है। रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ और प्रबंध ट्रस्टी डॉ. पुर्वेश के. ग्रांट ने आधिकारिक बयान में कहा:
"श्री शरद पवार को सामान्य स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा निगरानी के लिए रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती किया गया है। उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद है और एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी में रखा जाएगा।"
डॉक्टरों ने उन्हें दवा लेने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी है। फिलहाल वे अस्पताल में ही हैं और लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह एक बहुत ही मामूली संक्रमण है जो जल्द ही ठीक हो जाएगा।
सुप्रिया सुले ने दी जानकारी
शरद पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि:
- पवार का स्वास्थ्य पैरामीटर पूरी तरह स्थिर है।
- उनका रूटीन मेडिकल टेस्ट चल रहा है।
- सभी महत्वपूर्ण संकेत (vitals) सामान्य हैं।
सुले ने प्रशंसकों और शुभचिंतकों को उनके द्वारा भेजी गई शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया है।
गौरतलब है कि अस्पताल में भर्ती होने से ठीक पहले, 1 नवंबर को शरद पवार ने सोलापुर जिले के तुलसी गांव का दौरा किया था, जहां उन्होंने सूखे की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों से बातचीत की थी।