शारदीय नवरात्रि का आगाज: मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू हुआ शक्ति पर्व

शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि रविवार से शुरू हो गया है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन भक्त मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की आराधना
नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री को शक्ति, श्रद्धा और सौभाग्य का स्वरूप माना जाता है। भक्त आज के दिन उपवास रखकर मां की भक्ति में लीन हैं। पूजा के दौरान मंत्रों का उच्चारण और आरती से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
भक्तिमय हुआ वातावरण, मंदिरों में विशेष तैयारियां
नवरात्रि के आगमन के साथ ही घरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना की गूंज सुनाई देने लगी है। श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए मां की आरती, चालीसा और मंत्रों का पाठ कर रहे हैं।
नवरात्रि पर्व की मुख्य विशेषताएं:
- नौ स्वरूपों की पूजा: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विधान है।
- सकारात्मक ऊर्जा: मां दुर्गा की चालीसा का पाठ करने से घर में सकारात्मक वातावरण और शांति का संचार होता है।
- विशेष अनुष्ठान: श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
देवी मंदिरों में भी नवरात्रि को लेकर विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और शांति की प्राप्ति होती है।