शौर्यशक्ति संगम: युवतियों को मिला संस्कार और आत्मनिर्भरता का मंत्र
छपरा में अभाविप द्वारा आयोजित शौर्यशक्ति संगम में युवतियों को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।

सारण के छपरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के तत्वावधान में एक दिवसीय 'शौर्यशक्ति संगम' युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। शहर के भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की 'जेन-जी' पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया गया।
तकनीक के दौर में संस्कृति और संस्कारों का महत्व
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी तकनीक और सोशल मीडिया के प्रभाव में अपनी मूल संस्कृति से दूर होती जा रही है।
- डॉ. पूनम सिंह (अभाविप राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य): उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में युवतियों को पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना बेहद आवश्यक है।
- संगीता सिंह (राष्ट्रीय सेविका समिति, दानापुर): उन्होंने कुटुंब प्रबोधन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा
सम्मेलन में बिहार महिला आयोग की अध्यक्षा अप्सरा मिश्रा ने भी पारिवारिक विषयों पर अपने सारगर्भित विचार रखे। इस अवसर पर भारत विकास परिषद् की अध्यक्षा वर्षा पाण्डेय ने भी अपने संबोधन के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस वैचारिक सहभागिता में कई अन्य विशिष्ट हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:
- अर्चना (अधिवक्ता, पटना उच्च न्यायालय)
- डॉ. नीतू सिंह (सहायक प्राध्यापिका, मनोविज्ञान विभाग, राजेंद्र महाविद्यालय एवं अभाविप छपरा नगर उपाध्यक्ष)
- सलोनी कुमारी (जिला छात्रा प्रमुख, जय प्रकाश महिला महाविद्यालय)
राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भागीदारी
अभाविप के विश्वविद्यालय संगठन मंत्री सूर्यनंद राय ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य युवतियों में आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। इस सम्मेलन को लेकर शहर भर के युवाओं और विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया।