शिबू खान हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले विधायक, न्याय का भरोसा
पश्चिम चंपारण में शिबू खान की हत्या के बाद विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर आर्थिक मदद दी और न्याय दिलाने का वादा किया।

पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में मासूम शिबू खान की हत्या के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस हृदयविदारक घटना के बाद वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। विधायक ने न केवल पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि वे इस न्याय की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
मुलाकात के दौरान विधायक ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस की कथित लापरवाही का परिणाम हो सकती है। विधायक के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने न केवल फिरौती की मांग की थी, बल्कि बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
उन्होंने आगे कहा कि:
- परिजनों द्वारा पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग भी दिए गए थे।
- सुराग मिलने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई में देरी हुई।
- यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते, तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
विधायक ने स्पष्ट किया कि पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की सख्त जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
क्या था पूरा मामला?
यह दुखद घटना 12 अक्टूबर की है, जब शिबू खान स्कूल जाने के लिए अपने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शिबू की किताबें और कॉपियां स्कूल में ही बरामद हुई थीं, जिन्हें उसका छोटा भाई घर ले आया था। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
घटनाक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- 12 अक्टूबर: शिबू स्कूल के लिए निकला और लापता हो गया।
- 14 अक्टूबर: पिता अमानुल्ला खान ने रामनगर थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई।
- हत्या की पुष्टि: बाद में पता चला कि अपहरण के इस मामले में मासूम की हत्या कर दी गई है।
इस घटना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है। अब स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा और पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।