"वो डर गए थे, इसलिए अमेठी छोड़ दी": राहुल गांधी पर शिवपाल का तीखा हमला

समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर बेहद हमलावर रुख अपनाते हुए उन्हें घेरा है। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच, शिवपाल पटेल ने राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी से लड़ने के बजाय वहां से "भाग गए" थे।
"अमेठी से डरकर भागे राहुल गांधी"
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए शिवपाल सिंह पटेल ने कहा कि राहुल गांधी का उत्तर प्रदेश में कोई वास्तविक जनाधार नहीं है। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी की रणनीति पर चोट करते हुए कहा,
"राहुल गांधी के पास यहां वास्तव में कोई जमीनी हकीकत नहीं है। हमें याद है कि पिछले लोकसभा चुनाव में वे अमेठी से भाग गए थे। वे अमेठी से क्यों भागे? वे डर गए थे; वे पहले ही एक बार हार चुके थे।"
पटेल ने आगे खुलासा किया कि राहुल गांधी को रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी दक्षिण भारत में चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन अखिलेश यादव के समझाने और दबाव बनाने के बाद वे अपनी पारंपरिक सीट रायबरेली से लड़ने के लिए तैयार हुए। पटेल के अनुसार, अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि वे वहां से नहीं लड़ते हैं, तो सपा अपना उम्मीदवार खड़ा कर देगी।
सीटों की मांग पर पलटवार: "कांग्रेस की मांग अनुचित"
कांग्रेस द्वारा उत्तर प्रदेश में 150 सीटों की मांग किए जाने की खबरों पर पलटवार करते हुए शिवपाल पटेल ने इसे गठबंधन की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को 'छुटभैया' बताते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह से अतार्किक हैं।
सपा सांसद ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा:
- विधायकों की संख्या: समाजवादी पार्टी के पास उत्तर प्रदेश में 125 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास मात्र 2 विधायक हैं।
- सीटों का गणित: मौजूदा स्थिति को देखते हुए कांग्रेस को केवल 7 या 8 सीटें मिलनी चाहिए।
- वास्तविक क्षमता: कांग्रेस की वास्तविक क्षमता केवल 25 से 30 सीटों तक ही सीमित है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को अपनी वास्तविक ताकत और संख्या बल के आधार पर सीटों की मांग करनी चाहिए, न कि मनमानी करनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 17 सीटें दी गई थीं, जिनमें से वे केवल 6 ही जीत पाए थे।
PDA फॉर्मूले की सफलता और गठबंधन पर रुख
शिवपाल पटेल ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला बेहद सफल रहा है और इसके कारण बसपा के समर्थक अब सपा की ओर झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता केवल अखिलेश यादव को ही सुशासन और न्याय देने वाला मानती है, इसमें कांग्रेस का कोई योगदान नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव गठबंधन का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा है। उन्होंने कहा, "यदि आपके पास अपना कोई उम्मीदवार ही नहीं है, तो जबरदस्ती सीटों की मांग करने का क्या मतलब है?"
अखिलेश यादव ने दी सावधानी बरतने की सलाह
शिवपाल पटेल के इन तीखे बयानों के बाद, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी मोर्चा संभाला है। उन्होंने पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया है कि सीट-बंटवारे और कांग्रेस से संबंधित अपनी राय केवल पार्टी के आंतरिक माध्यमों तक ही सीमित रखें। अखिलेश ने कहा कि गठबंधन के भीतर किसी भी तरह की चिंता या विचार को पार्टी के भीतर ही साझा किया जाना चाहिए ताकि सार्वजनिक रूप से कोई विवाद न हो।