शिवराज सिंह चौहान किसान कल्याण पर बोले: खुशहाली ही प्राथमिकता

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ कटाई और रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा की और किसानों को खाद-बीज की समय पर उपलब्धता का भरोसा दिया।

Ghazala Saheb2 November 20262 min read0 viewsBihar
शिवराज सिंह चौहान किसान कल्याण पर बोले: खुशहाली ही प्राथमिकता

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नई दिल्ली में कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने किसान कल्याण और रबी सीजन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य देश भर में खरीफ फसलों की कटाई की स्थिति, वर्तमान मौसम और आगामी रबी सीजन की तैयारियों का विस्तृत जायजा लेना था।

'अन्नदाता' की समृद्धि सर्वोपरि

कृषि मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि अन्नदाता की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन बिना किसी देरी के मिलने चाहिए।

  • खाद और बीज की उपलब्धता: उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक और गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
  • राज्यों के साथ समन्वय: आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।

आदिवासी परिवारों के लिए 15 लाख का पुनर्वास पैकेज

बैठक के दौरान, चौहान ने वन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निलगढ़ से विस्थापित होने वाले आदिवासी परिवारों के लिए घोषित पुनर्वास पैकेज का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को इस पैकेज की घोषणा की गई थी, ताकि विस्थापित परिवारों को बेहतर जीवन मिल सके।

पुनर्वास योजना के मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:

  1. प्रत्येक परिवार को कुल 15 लाख रुपये का पैकेज दिया जाएगा।
  2. इसमें घर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की सहायता शामिल है।
  3. खेती के लिए हाईवे के पास 5 एकड़ कृषि भूमि प्रदान की जाएगी।
"इन परिवारों ने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपना घर और गांव छोड़ा है, यह एक महान बलिदान है,"

मंत्री ने कहा कि यह निर्णय उनके बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है और वे इन परिवारों के त्याग का सम्मान करते हैं।

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