"विपक्ष झूठ फैलाकर अराजकता फैला रहा है": शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर हमला

शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी और विपक्ष पर झूठ फैलाकर जनता को भड़काने का आरोप लगाया है।

Prakriti Singh17 October 20262 min read9 viewsUttar Pradesh
"विपक्ष झूठ फैलाकर अराजकता फैला रहा है": शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर हमला

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर बेहद तीखा हमला बोला है। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान चौहान ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में झूठ और अफवाहें फैलाकर जनता को भड़काने की कोशिश कर रहा है।

'मोदी जी जनता के दिलों में बसते हैं'

विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनता ने उन्हें कई बार नकार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा, "राहुल गांधी चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के दिलों में बसते हैं।"

चौहान ने आगे कहा कि जब विपक्ष को यह अहसास हो जाता है कि वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे, तो वे अराजकता फैलाने का रास्ता अपना लेते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि देश उन लोगों को पूरी तरह से खारिज कर देगा जो नकारात्मक राजनीति में संलिप्त हैं।

"अगर उनका जनता के दिलों में स्थान होता, तो वे अब तक सफल हो चुके होते। अब वे चुनाव हारने के डर से झूठ और अफवाहों के जरिए लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं।"

'बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश'

विपक्ष पर हमलों का यह सिलसिला केवल चौहान तक ही सीमित नहीं रहा। इससे एक दिन पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में बांग्लादेश जैसी राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने की कोशिश कर रही है।

राजनाथ सिंह ने निम्नलिखित आरोप लगाए:

  • देश के युवाओं को अराजक राजनीति का मोहरा बनाया जा रहा है।
  • चुनावी सुधारों के बजाय सत्ता परिवर्तन (Regime Change) का लक्ष्य रखा जा रहा है।

विवाद की जड़ क्या है?

यह पूरा विवाद तब गरमाया जब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन को "सत्ता परिवर्तन की लड़ाई" करार दिया। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी बांग्लादेश के 'जेन जी' (Gen Z) आंदोलन का संदर्भ दिया। भाजपा इन बयानों को चुनावी प्रक्रिया के बाहर सरकार को अस्थिर करने की एक बड़ी साजिश के रूप में देख रही है, जबकि विपक्ष इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है।

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