टाटा ग्रुप और ट्रस्ट विवाद पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप और ट्रस्ट के बीच के मतभेदों को आपसी बातचीत से सुलझाने की सलाह दी है।

Ghazala Saheb2 November 20262 min read0 viewsBihar
टाटा ग्रुप और ट्रस्ट विवाद पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप और टाटा ट्रस्ट के बीच चल रहे आंतरिक मतभेदों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों को हितधारकों के बीच आपसी संवाद के माध्यम से ही सुलझाया जाना चाहिए।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवार्ड्स 2026 में बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस मामले को व्यावसायिक समझ और परिपक्वता के साथ हल करने की आवश्यकता है।

'आपसी बातचीत से सुलझाएं मामला'

वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि टाटा ग्रुप का वैश्विक स्तर पर एक बड़ा ब्रांड मूल्य है और भारतीय अर्थव्यवस्था के निर्माण में पारसी समुदाय का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा, "ये बहुत ही नाजुक मामले हैं, जहां काफी व्यावसायिक समझ और कौशल की आवश्यकता होगी। इसे आपस में ही शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके। यह इस तरह सार्वजनिक रूप से नहीं आना चाहिए।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करेगी, तो उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले पर टिप्पणी करने में जल्दबाजी नहीं करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेतृत्व की परिपक्वता के चलते यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा।

अर्थव्यवस्था और निवेश पर भी चर्चा

टाटा विवाद के अलावा, सीतारमण ने आगामी केंद्रीय बजट से पहले अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार भारत की विकास दर को 7 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने के लिए आवश्यक पूंजी और विदेशी निवेश से जुड़ी चिंताओं से अवगत है।

उन्होंने बताया कि हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का पैसा बाहर गया था, लेकिन अब निवेश वापस आने लगा है। इसके साथ ही, उन्होंने उल्लेख किया कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के बाद निजी क्षेत्र के निवेश में भी तेजी देखी जा रही है।

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