सीवान में 14 जगहों पर खुलेंगे नए रक्त संग्रह केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी बेहतर

Akhand India Desk22 August 20262 min read6 viewsHealth
सीवान में 14 जगहों पर खुलेंगे नए रक्त संग्रह केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी बेहतर

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2.0 के तहत सीवान जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में नए रक्त संग्रहण केंद्र खोले जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी सीएचसी एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में कुल 383 रक्त संग्रहण इकाइयां स्थापित की जानी हैं।

सीवान के इन अस्पतालों में खुलेंगे नए केंद्र

सीवान के हुसैनगंज, मैरवा, रघुनाथपुर, नौतन, आंदर, भगवानपुर हाट, दारौंदा, गुठनी, गोरेयाकोठी, हसनपुरा, लकड़ीबीगंज, पचरुखी एवं जीरादेई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नए रक्त संग्रहण केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भी रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण और अनुमंडल क्षेत्र के मरीजों को जरूरत के समय स्थानीय स्तर पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।

मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इन केंद्रों के शुरू होने से गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल लोगों, गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीजों और ऑपरेशन वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में रक्त की आवश्यकता होने पर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के परिजनों को कई बार सीवान सदर अस्पताल या अन्य रक्त केंद्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर रक्त संग्रहण की सुविधा उपलब्ध होने से समय की बचत होगी और आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2.0 के तहत जिले के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में रक्त संग्रहण केंद्र स्थापित होना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है। संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारी और प्रयोगशाला कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि रक्त संग्रहण की प्रक्रिया सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो सके। रक्त संग्रहण इकाइयों के संचालन के लिए प्रत्येक चयनित स्वास्थ्य संस्थान से एक चिकित्सा पदाधिकारी और एक प्रयोगशाला प्रावैधिकी को नामित किया जाएगा जिन्हें पहले ऑनलाइन और फिर तीन दिवसीय भौतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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