दाहा नदी बचाने के लिए सीवान में अधिकारियों ने उठाई झाड़ू

सीवान में दाहा नदी संरक्षण के लिए जिला प्रशासन और नागरिकों ने मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया और जलकुंभी हटाई।

Ghazala Saheb4 November 20262 min read0 viewsBihar
दाहा नदी बचाने के लिए सीवान में अधिकारियों ने उठाई झाड़ू

सीवान की जीवनरेखा मानी जाने वाली बाणगंगा (दाहा) नदी को बचाने के लिए जिला प्रशासन और आम नागरिकों ने एक साथ मिलकर आवाज बुलंद की है। बुधवार को दाहा नदी संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित 'नदी संरक्षण चेतना जागरण' कार्यक्रम में अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों ने नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। इस अभियान की खास बात यह रही कि उपविकास आयुक्त (DDC) अमिताभ सिंह समेत कई वरीय अधिकारियों ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की और नदी से जलकुंभी हटाने के लिए श्रमदान किया।

रैली के जरिए दिया गया जागरूकता का संदेश

जिला प्रशासन और नमामि गंगे अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य रैली के साथ हुई। यह रैली गांधी मैदान से शुरू होकर जेपी चौक और पटेल चौक होते हुए दाहा नदी के पुलवा घाट तक पहुंची। इस रैली में एनसीसी कैडेट्स ने बैंड वादन के साथ मार्च किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।

रैली में शामिल स्कूली बच्चों ने नदी संरक्षण से जुड़े आकर्षक और प्रभावशाली पोस्टर दिखाए। इन पोस्टरों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि नदियों को स्वच्छ रखना और उनके अस्तित्व की रक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पुलवा घाट पर हुआ स्वच्छता अभियान और श्रमदान

रैली के समापन के बाद मुख्य कार्यक्रम पुलवा घाट पर आयोजित किया गया। यहाँ अतिथियों का स्वागत पौधों के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर कचरा साफ किया।

उपविकास आयुक्त अमिताभ सिंह ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि खुद आगे बढ़कर जलकुंभी की सफाई में श्रमदान किया। इस अवसर पर नदी संरक्षण में सकारात्मक भूमिका निभाने वाली प्रो. रीता कुमारी, डॉ. पूजा तिवारी और डॉ. रीता शर्मा को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सामाजिक कार्यकर्ता गणेश दत्त पाठक ने किया।

नदियों का संरक्षण क्यों है अनिवार्य?

नदियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपविकास आयुक्त अमिताभ सिंह ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का आधार हैं। उन्होंने कहा:

नदियां हमारी जीवनरेखा हैं। इनके किनारे ही सभ्यता और संस्कृति का विकास हुआ है। नदियां जैव विविधता के संरक्षण, भूजल स्तर को सुरक्षित रखने और सिंचाई जैसी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सीवान की दाहा नदी आज संकट में है, लेकिन सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से इसका संरक्षण संभव है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपर समाहर्ता प्रमोद कुमार, इस्तियाक अली अंसारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय सहित कई अन्य अधिकारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह अभियान केवल एक दिन का आयोजन न रहकर नियमित रूप ले, तो दाहा नदी को पुनर्जीवित किया जा सकता है।

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