सीवान में दशहरा मेले में आग का तांडव: करतब के दौरान मची चीख-पुकार, 12 झुलसे

सीवान के बड़हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर गांव में बुधवार की रात दशहरा पूजा के दौरान एक भीषण हादसा हो गया। मेले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आग के करतब दिखाते समय अचानक आग फैल गई, जिससे सीवान दशहरा मेला हादसा में करीब एक दर्जन लोग झुलस गए। इस घटना के बाद मेले में भारी अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेले में कुछ कलाकार पेट्रोल की मदद से आग के करतब दिखा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान अचानक एक कलाकार आग की चपेट में आ गया। खुद को बचाने की हड़बड़ाहट में उसने पेट्रोल दर्शकों की ओर फेंक दिया, जिससे आग तेजी से फैल गई और वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते मेले का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
घायलों की स्थिति और अस्पताल में भर्ती
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से झुलसे छह लोगों को पहले बड़हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां से उन्हें सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, चार घायलों की स्थिति अत्यंत गंभीर है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर किया गया है।
प्रमुख रूप से झुलसे घायल:
- सूरज कुमार (18 वर्ष): हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर।
- अनीश कुमार (10 वर्ष): हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर।
- राहुल कुमार (18 वर्ष): हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर।
- पवन कुमार (15 वर्ष): हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर।
- बिट्टू कुमार (12 वर्ष): इलाज जारी।
- रसूला (10 वर्ष): इलाज जारी।
इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक लोग मामूली रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज स्थानीय स्तर और सीवान के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग करते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार सुबह एसपी भारत सोनी ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जानकारी ली। अब स्थानीय स्तर पर इस बात की जांच की जा रही है कि क्या आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।