सीवान में खाद्य सुरक्षा की छापेमारी: पवन बिरयानी में गंदगी और बिना लाइसेंस का खेल

सीवान में त्योहारों के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने पवन बिरयानी सहित कई दुकानों पर छापेमारी की। बिना लाइसेंस और गंदगी के बीच बन रहा था खाना।

Ghazala Saheb1 November 20263 min read0 viewsBihar
सीवान में खाद्य सुरक्षा की छापेमारी: पवन बिरयानी में गंदगी और बिना लाइसेंस का खेल

दीपावली और छठ जैसे महापर्वों के बीच सीवान में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन का शिकंजा कस गया है। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के निर्देश पर चलाए जा रहे 'थाली शुद्ध होबे हमार, छठ-दीपावली' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस अभियान के दौरान सीवान के कई खाद्य प्रतिष्ठानों में ऐसी अनियमितताएं मिली हैं, जिन्हें जानकर आप भी दंग रह जाएंगे।

बिना लाइसेंस और गंदगी के बीच परोसी जा रही थी बिरयानी

रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कचहरी ढाला के पास स्थित 'पवन बिरयानी' पर छापेमारी की। जांच के दौरान जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। इस प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार चलाने के लिए कोई भी वैध लाइसेंस नहीं था। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि यह दुकान न तो होटल-रेस्टोरेंट की श्रेणी में पंजीकृत है और न ही ठेला-खोमचा श्रेणी में। इसके बावजूद, यहां बड़े पैमाने पर बिरयानी बनाकर ग्राहकों को परोसी जा रही थी।

मक्खियों और धूल के बीच बन रहा था मांस

पवन बिरयानी में स्वच्छता के नाम पर भारी लापरवाही बरती जा रही थी। जांच टीम ने पाया कि:

  • मटन और चिकन को पूरी तरह खुले में तैयार किया जा रहा था।
  • भोजन को धूल, गर्दा और मक्खियों से बचाने के लिए कोई भी समुचित इंतजाम नहीं था।
  • खाना बनाने के लिए व्यवस्थित किचन तक उपलब्ध नहीं था।
  • उपयोग किए जा रहे तेल की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
  • ग्राहकों को दिए जा रहे बोतलबंद पानी पर भी बैच नंबर और अन्य आवश्यक विवरण गायब थे।

जब टीम ने इस बारे में संचालक पवन से सवाल किया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह लंबे समय से इसी तरह भोजन परोस रहे हैं और ग्राहक इसे पसंद करते हैं। उन्होंने सड़क किनारे होने के कारण धूल और मक्खियों की समस्या को स्वीकार किया।

अन्य दुकानों पर भी हुई जांच, नमूने लिए गए

प्रशासन की यह कार्रवाई केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रही। खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर के कई अन्य प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं:

  • अपूर्वा स्वीट्स
  • कुमार स्वीट्स
  • प्रिया स्वीट्स
  • हरिलाल रेस्टोरेंट
  • जैन स्वीट्स

डॉ. विपुल कुमार के अनुसार, विभिन्न दुकानों में अनियमितताएं मिली हैं। टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने (samples) संग्रहित कर लिए हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

अब होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहारों के सीजन में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

"प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यदि खाद्य पदार्थ मानकों के विपरीत पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।"

पवन बिरयानी के मामले में भी सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर दोषी पाए जाने पर प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल, जिले में प्रखंडवार मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा टीमों का अभियान जारी है ताकि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिल सके।

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