सीवान की फुटबॉल बेटियां: मैरवा की बेटियों ने जीता खिताब
समस्तीपुर में आयोजित अंडर-17 फुटबॉल चैंपियनशिप में सारण प्रमंडल की टीम चैंपियन बनी। सीवान की मैरवा की बेटियों ने दिखाया दम।

सीवान जिले के मैरवा की बेटियों ने फुटबॉल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सीवान की फुटबॉल बेटियां के रूप में नया इतिहास रच दिया है। समस्तीपुर में आयोजित बिहार राज्य अंतर प्रमंडल विद्यालय खेल प्रतियोगिता में सारण प्रमंडल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया है।
फाइनल मुकाबले में तिरहुत को दी मात
अंडर-17 बालिका फुटबॉल चैंपियनशिप के रोमांचक फाइनल मुकाबले में सारण प्रमंडल का सामना तिरहुत प्रमंडल से हुआ। इस कड़े मुकाबले में सारण की टीम ने 1-0 से जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। टीम ने अपने बेहतरीन तालमेल, मजबूत रक्षापंक्ति और आक्रामक खेल के दम पर विरोधी टीम को कोई मौका नहीं दिया और निर्णायक गोल के साथ चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मैरवा की एकेडमी का दबदबा
इस ऐतिहासिक जीत में सीवान की बेटियों का बहुत बड़ा योगदान रहा। विजेता टीम में सीवान की कुल आठ खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें से छह खिलाड़ी रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स एकेडमी, मैरवा की प्रशिक्षु खिलाड़ी हैं, जो उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बिलासपुर की छात्राएं हैं।
एकेडमी के मुख्य कोच संजय पाठक ने बताया कि इन खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत और खेल कौशल से न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य में अपना नाम रोशन किया है।
व्यक्तिगत उपलब्धियों से बढ़ी टीम की शान
प्रतियोगिता में केवल टीम ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी सीवान की बेटियों ने अपनी चमक बिखेरी, जिससे टीम की जीत में चार चांद लग गए:
- अंशु कुमारी: चैंपियनशिप की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (Best Player)
- खुशबू कुमारी: सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर (Best Defender)
खेल जगत में खुशी की लहर
सारण प्रमंडल की इस बड़ी सफलता पर सीवान के खेल जगत में खुशी का माहौल है। जिला खेल पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव, डॉ. शशिभूषण सिन्हा, डॉ. शरद चौधरी, प्राचार्य राजकुमार सिंह, दिनेश कुमार और राजीव लोचन मिश्रा सहित कई गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विद्यालय परिवार को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
मैरवा की बेटियों की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण और अवसर मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं।