सीवान सदर अस्पताल में एचआईवी रिएक्टिव पिता-पुत्र को ब्लड सैंपल के लिए भटकना पड़ा

सीवान सदर अस्पताल में एचआईवी रिएक्टिव मरीजों के साथ भेदभाव का नया मामला सामने आया है जहां एचआईवी रिएक्टिव पिता और उसके चार वर्षीय पुत्र को बेस लाइन टेस्ट के लिए दिनभर भटकना पड़ा। जामो बाजार निवासी युवक गुरुवार की सुबह अपने चार वर्षीय पुत्र को लेकर सदर अस्पताल पहुंचा था और पैथोलॉजी विभाग के कर्मचारियों ने ब्लड सैंपल निकालने से इनकार कर दिया तथा एआरटी या आईसीटीसी से सैंपल निकलवाकर लाने को कहा गया।
बच्चा लगातार रोता रहा लेकिन सैंपल लेने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और शाम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल के अधिकारी के हस्तक्षेप के बावजूद कर्मचारियों ने सबसे अंत में सैंपल लेने की बात कही जिससे शाम सवा पांच बजे तक पिता-पुत्र का ब्लड सैंपल नहीं लिया गया था।
स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल
बेस लाइन टेस्ट एआरटी उपचार शुरू करने से पहले एचआईवी रिएक्टिव मरीज के चिकित्सकीय मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसी परेशानियों के कारण मरीज निजी पैथोलॉजी केंद्रों में जांच कराने को मजबूर होते हैं जो गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है।
जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष
जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जानकारी होने पर एआरटी काउंसेलर से मदद कर ब्लड का सैंपल निकलवाने में सहयोग करने को कहा गया है और शुक्रवार को इस संबंध में अधीक्षक से बात की जायेगी।