सिवान जेल में प्रशासन का छापा: मोबाइल बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप बरामद

सिवान मंडल कारा में प्रशासन की औचक छापेमारी में मोबाइल बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप बरामद हुए। डीएम ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए दिए कड़े निर्देश।

Ghazala Saheb5 November 20262 min read0 viewsBihar
सिवान जेल में प्रशासन का छापा: मोबाइल बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप बरामद

बिहार के सिवान जिले में गुरुवार को प्रशासन ने मंडल कारा में औचक छापेमारी की। जिला प्रशासन की टीम के साथ इस तलाशी अभियान के दौरान जेल के भीतर से मोबाइल फोन की बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप जैसे प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए हैं। सिवान के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) विजय प्रकाश मीणा ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला?

डीएम विजय प्रकाश मीणा ने बताया कि यह छापेमारी एक अनिवार्य प्रक्रिया के तहत की गई थी। इस दौरान जेल के हर सेल (कोठरी) और पूरे परिसर की गहनता से जांच की गई। तलाशी के दौरान प्रशासन को कुछ मोबाइल फोन की बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। डीएम के अनुसार, इन जब्त किए गए सामानों को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है और इस पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कैदियों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जेल में कैदियों की संख्या उसकी निर्धारित क्षमता से लगभग 10 से 20 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, डीएम ने कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार अन्य सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। प्रशासन ने जेल के उन संवेदनशील हिस्सों और 'ब्लाइंड स्पॉट्स' (कोने जहाँ नजर नहीं पहुँच पाती) की भी जांच की, जो सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे हो सकते हैं।

जांच टीम ने जेल के आइसोलेशन यूनिट, स्वच्छता सुविधाओं, मेडिकल वार्ड और विशेष रूप से बच्चों या एचआईवी संक्रमितों के लिए बनाए गए सेक्शन का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

डीएम ने दिए सुरक्षा और स्वास्थ्य के कड़े निर्देश

छापेमारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  • अतिरिक्त सीसीटीवी: जेल में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन जहाँ भी जरूरत महसूस हुई, वहाँ नए कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • चिकित्सा सेवा: जेल के मेडिकल वार्ड में डॉक्टरों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा गया है।
  • भोजन की गुणवत्ता: कैदियों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता की जांच खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा कराने का आदेश दिया गया है।

प्रशासन ने अब ऐसी छापेमारी के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू कर दी है। इस प्रक्रिया की निगरानी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) और अनुमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) की देखरेख में की जाएगी ताकि भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसी जांच सुनिश्चित की जा सके।

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